सांख्यिकी (Statistics) डेटा के विश्लेषण का विज्ञान है, और इसमें डेटा के विभिन्न पहलुओं को मापने के लिए कई मापदंडों का उपयोग किया जाता है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण माप है परास (Range)। परास डेटा के प्रसार या फैलाव को मापने का एक सरल लेकिन महत्वपूर्ण तरीका है। यह लेख आपको परास की संपूर्ण जानकारी हिंदी में प्रदान करेगा।

परास की परिभाषा (Definition of Range)

परास सांख्यिकी का एक मूल माप है जो किसी डेटा सेट में अधिकतम और न्यूनतम मान के बीच के अंतर को दर्शाता है। दूसरे शब्दों में, परास हमें बताता है कि डेटा कितना फैला हुआ है या कितना संकुचित है।

परास की गणना बेहद सरल है और इसके लिए किसी जटिल गणितीय प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती। यही कारण है कि प्रारंभिक डेटा विश्लेषण में परास का व्यापक उपयोग किया जाता है।

परास का सूत्र (Range Formula)

परास = अधिकतम मान – न्यूनतम मान
R = Xmax – Xmin

जहाँ:
R = परास (Range)
Xmax = डेटा सेट का अधिकतम मान (Maximum Value)
Xmin = डेटा सेट का न्यूनतम मान (Minimum Value)

परास का उदाहरण (Example of Range)

उदाहरण 1: मान लीजिए एक कक्षा के 10 छात्रों के गणित के अंक हैं: 45, 78, 92, 67, 85, 55, 90, 72, 68, 80

गणना:
1. सबसे पहले अधिकतम और न्यूनतम मान ज्ञात करें:
– अधिकतम मान (Xmax) = 92
– न्यूनतम मान (Xmin) = 45

2. परास सूत्र लगाएं:
परास = 92 – 45 = 47

परिणाम: इस डेटा सेट का परास 47 है। इसका अर्थ है कि छात्रों के अंक 47 अंकों के दायरे में फैले हुए हैं।

उदाहरण 2: किसी शहर में 7 दिनों का अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में): 28, 30, 32, 29, 31, 33, 27

गणना:
अधिकतम तापमान = 33°C
न्यूनतम तापमान = 27°C
परास = 33 – 27 = 6°C

इसका मतलब है कि सप्ताह के दौरान तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस का उतार-चढ़ाव था।

परास के गुण (Properties of Range)

गुण विवरण
सरलता परास की गणना बहुत आसान है और इसे जल्दी से निकाला जा सकता है
समझने में आसान परास का अर्थ सीधा और स्पष्ट होता है
इकाई परास की इकाई वही होती है जो डेटा की इकाई होती है
शून्य या धनात्मक परास का मान हमेशा शून्य या धनात्मक होता है

परास के लाभ (Advantages of Range)

  1. गणना में सरल: परास की गणना करना बेहद आसान है और इसमें समय भी कम लगता है।
  2. समझने में आसान: परास का अर्थ और व्याख्या करना सरल है।
  3. प्रारंभिक विश्लेषण के लिए उपयोगी: डेटा के प्रारंभिक विश्लेषण के लिए परास एक उपयोगी माप है।
  4. कोई जटिल गणना नहीं: परास की गणना के लिए किसी जटिल गणितीय प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती।
  5. तुलना में सहायक: दो या दो से अधिक डेटा सेट के फैलाव की तुलना करने में सहायक।

परास की सीमाएं (Limitations of Range)

ध्यान दें: परास एक उपयोगी माप है लेकिन इसकी कुछ सीमाएं भी हैं जिन्हें समझना जरूरी है।

  • प्रभावशाली मानों से प्रभावित: यदि डेटा में कोई बहुत बड़ा या बहुत छोटा मान (आउटलायर) हो, तो परास गलत धारणा दे सकता है।
  • सभी मानों को नजरअंदाज करता है: परास केवल दो मानों (अधिकतम और न्यूनतम) पर निर्भर करता है और अन्य सभी मानों को नजरअंदाज कर देता है।
  • डेटा वितरण के बारे में जानकारी नहीं देता: परास डेटा के वितरण के स्वरूप के बारे में कोई जानकारी नहीं देता।
  • अपूर्ण माप: अधिक सटीक विश्लेषण के लिए परास अपर्याप्त हो सकता है।

परास के उपयोग (Uses of Range)

परास का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है:

क्षेत्र उपयोग
शिक्षा छात्रों के अंकों में भिन्नता को मापने के लिए
वित्त शेयर बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव को मापने के लिए
उत्पादन गुणवत्ता नियंत्रण और प्रक्रिया निगरानी के लिए
मौसम विज्ञान तापमान, वर्षा आदि में दैनिक या मौसमी भिन्नता को मापने के लिए
खेल खिलाड़ियों के प्रदर्शन में स्थिरता को मापने के लिए

परास बनाम अन्य फैलाव के माप

सांख्यिकी में फैलाव को मापने के लिए परास के अलावा भी कई अन्य माप हैं। आइए इनकी तुलना देखें:

माप परिभाषा लाभ सीमाएं
परास अधिकतम – न्यूनतम सरल, त्वरित गणना आउटलायर्स से प्रभावित
चतुर्थक विस्तार Q3 – Q1 आउटलायर्स से कम प्रभावित चतुर्थकों की गणना आवश्यक
मानक विचलन √[Σ(x – μ)²/N] सबसे सटीक, सभी मानों को ध्यान में रखता है जटिल गणना
माध्य विचलन Σ|x – μ|/N सभी मानों को ध्यान में रखता है गणितीय गुणों की कमी

नोट: प्रारंभिक विश्लेषण के लिए परास उपयोगी है, लेकिन विस्तृत विश्लेषण के लिए मानक विचलन या चतुर्थक विस्तार जैसे माप अधिक उपयुक्त हैं।

विशेष स्थितियाँ

1. वर्गीकृत आँकड़ों का परास

जब डेटा वर्गीकृत रूप में हो (जैसे आयु समूह, आय वर्ग आदि), तो परास की गणना थोड़ी अलग होती है:

वर्गीकृत डेटा का परास = उच्चतम वर्ग की उच्च सीमा – निम्नतम वर्ग की निम्न सीमा

2. समान मान होने पर

यदि डेटा सेट के सभी मान समान हों, तो परास शून्य होगा। उदाहरण के लिए: 25, 25, 25, 25 का परास = 25 – 25 = 0

3. ऋणात्मक मान होने पर

यदि डेटा में ऋणात्मक मान हों, तो भी परास की गणना उसी तरह की जाती है। उदाहरण: -5, -2, 0, 3, 7 का परास = 7 – (-5) = 12

परास का महत्व

परास सांख्यिकी का एक मूलभूत माप है जो:

  1. डेटा के फैलाव का त्वरित अनुमान प्रदान करता है
  2. प्रारंभिक डेटा विश्लेषण में मदद करता है
  3. गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं में उपयोगी है
  4. विभिन्न डेटा सेट के बीच तुलना करने में सहायक है
  5. सांख्यिकी की मूल अवधारणाओं को समझने में मदद करता है

निष्कर्ष

परास सांख्यिकी का एक सरल लेकिन महत्वपूर्ण माप है जो डेटा के फैलाव को दर्शाता है। हालांकि इसकी कुछ सीमाएँ हैं, फिर भी प्रारंभिक विश्लेषण, गुणवत्ता नियंत्रण और विभिन्न व्यावहारिक स्थितियों में इसका व्यापक उपयोग होता है। परास की अवधारणा को समझना सांख्यिकी की मूल बातें सीखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आशा है कि यह लेख आपको परास (Range) की अवधारणा को समझने में मदद करेगा। सांख्यिकी के अन्य महत्वपूर्ण मापों के बारे में जानने के लिए हमारे अन्य लेख पढ़ते रहें।